नए साल 2026 के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SBI, PNB और BOB खाताधारकों के लिए कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की है। यदि आपके पास इन बैंकों में खाता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये बदलाव सीधे आपके बैंकिंग अनुभव और वित्तीय फैसलों को प्रभावित करेंगे। इस आर्टिकल में हम विस्तार से बताएंगे कि ये 4 नए नियम क्या हैं, आपके लिए क्यों जरूरी हैं और आप इनका फायदा कैसे उठा सकते हैं।
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1. न्यूनतम बैलेंस में बदलाव
01 जनवरी 2026 से SBI, PNB और BOB में न्यूनतम बैलेंस संबंधी नियम बदल रहे हैं।
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अब खाता धारकों को मंथली न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की नई सीमा का पालन करना होगा।
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SBI: सामान्य बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस ₹3,000 (शहरी क्षेत्र), ₹2,000 (ग्रामीण क्षेत्र)।
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PNB: शहरी क्षेत्र में ₹2,500 और ग्रामीण क्षेत्र में ₹1,500।
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BOB: शहरी क्षेत्र में ₹2,000 और ग्रामीण क्षेत्र में ₹1,000।
यदि यह बैलेंस नहीं रखा गया तो बैंक चुकौती शुल्क ले सकता है। इसलिए, खाताधारकों को अपने खाते में पर्याप्त राशि रखना आवश्यक है।
✅ टिप: आप ऑटो-डेबिट सेट करके महीने के शुरुआत में न्यूनतम बैलेंस सुनिश्चित कर सकते हैं।
2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर नया ब्याज नियम
RBI के नए नियमों के अनुसार, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरों में बदलाव हुआ है।
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अब छोटे खाताधारक जो ₹1 लाख तक का FD करते हैं, उन्हें 5% – 6% तक ब्याज मिलेगा।
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बड़े निवेशकों के लिए ब्याज दर 6% – 6.5% तक निर्धारित की गई है।
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इस बदलाव का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित निवेश के विकल्प देना और बैंकिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है।
💡 टिप: यदि आप लंबे समय तक पैसे जमा रखना चाहते हैं, तो FD अब और भी फायदेमंद हो गया है।
3. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन लिमिट में बदलाव
01 जनवरी 2026 से डिजिटल बैंकिंग में भी बदलाव लागू होंगे।
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अब NEFT/RTGS/IMPS ट्रांजेक्शन की सीमा बैंक के अनुसार अपडेट होगी।
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SBI में प्रति दिन ₹5 लाख तक, PNB में ₹4 लाख तक और BOB में ₹3.5 लाख तक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की अनुमति।
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इसके अलावा, छोटे खाताधारकों के लिए UPI ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़कर ₹50,000 प्रतिदिन कर दी गई है।
✅ टिप: बड़े लेन-देन के लिए आप बैंक की शाखा से व्यक्तिगत ट्रांजेक्शन की अनुमति भी ले सकते हैं।
4. पर्सनल लोन और ओवरड्राफ्ट नियम
RBI के नए नियमों के अनुसार पर्सनल लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधा में बदलाव किया गया है।
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खाताधारक अब ₹5 लाख तक का पर्सनल लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
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ब्याज दर बैंक की कैटेगरी और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर होगी, लेकिन अब ब्याज दर में पारदर्शिता बढ़ा दी गई है।
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ओवरड्राफ्ट सुविधा वाले खातों में अब खाताधारक सीधे बैंक ऐप से लिमिट सेट कर सकते हैं।
💡 टिप: अपने क्रेडिट स्कोर और लोन पात्रता की जांच करके बेहतर पर्सनल लोन विकल्प चुनें।
2026 में इन बदलावों का असर
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बेहतर वित्तीय अनुशासन: न्यूनतम बैलेंस और ट्रांजेक्शन लिमिट से आपके खाते में अनुशासन बढ़ेगा।
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ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाएं: डिजिटल ट्रांजेक्शन की बढ़ी हुई सीमा से घर बैठे बड़े लेन-देन संभव।
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उचित निवेश विकल्प: FD पर बढ़ा हुआ ब्याज, खाताधारकों को सुरक्षित निवेश की सुविधा देता है।
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लोन और ओवरड्राफ्ट: सरल और पारदर्शी पर्सनल लोन, तेज अप्रूवल और आसान EMI विकल्प।
निष्कर्ष
01 जनवरी 2026 से लागू ये 4 RBI के नए नियम सभी SBI, PNB और BOB खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी है।
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फिक्स्ड डिपॉजिट पर बेहतर ब्याज दर मिलेगी।
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ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और UPI लिमिट बढ़ गई है।
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पर्सनल लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधा अब और अधिक पारदर्शी और आसान हो गई है।
इन नियमों का सही तरीके से पालन करने से आप न केवल बैंकिंग में परेशानी से बचेंगे बल्कि अपने पैसे का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे।